‘मन की बात’: पीएम मोदी ने जल संकट और बच्चों के भविष्य को लेकर जताई चिंता

‘मन की बात’: पीएम मोदी ने जल संकट और बच्चों के भविष्य को लेकर जताई चिंता

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत में त्योहारों पर भी लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज चैत्र नवरात्र के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। आज से भारतीय नववर्ष की भी शुरुआत हो रही है। यह विक्रम संवत 2082 की शुरुआत है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज गुड़ी पाड़वा का भी दिन है। यह बेहद पावन दिन है। ईद का त्योहार भी आ रहा है। यानी ये पूरा महीना त्योहारों और पर्वों का है। पीएम मोदी ने कहा कि वो इन त्योहारों की देशवासियों को शुभकामनाएं देते हैं। पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि त्योहार भारत की विविधता में एकता का अहसास कराते हैं।

पीएम मोदी ने लोगों से जल संरक्षण की अपील की है। अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि बारिश की बूंदों को संरक्षित कर हम बहुत सारा पानी बर्बाद होने से बचा सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जल संरक्षण के लिए पिछले कुछ वर्षों में चलाए अभियान के कारण देश के कई हिस्सों में अभूतपूर्व काम हुआ है।

पीएम मोदी ने अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान बीते 7-8 साल में जल संरक्षण के लिए हुए काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस दौरान बने टैंक, तालाब और जल रिचार्ज की अन्य तकनीकों से 11 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी का संरक्षण किया गया है।

पीएम मोदी ने मन की बात में बच्चों और गर्मियों की छुट्टी की बात भी की। पीएम मोदी ने कहा कि गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के पास काफी समय होता है। इस समय बच्चों को नई चीजें सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय का उपयोग अपने स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए। पीएम मोदी ने बच्चों से कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म की कमी नहीं, जहां वे काफी कुछ सीख सकते हैं। पीएम मोदी ने मन की बात में माई भारत के खास कैलेंडर की भी चर्चा की।

उन्होंने बताया कि इस कैलेंडर को गर्मियों की छुट्टी के लिए तैयार किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि स्टडी टूर से जन औषधि केंद्र के काम के बारे में जान सकते हैं। साथ ही वाइब्रेंट विलेज अभियान में हिस्सा लेकर सीमा से लगे गावों में अनोखा अनुभव और वहां की संस्कृति और खेलों का भी हिस्सा बन सकते हैं। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आंबेडकर जयंती पर पदयात्रा में शामिल होकर संविधान को लेकर जागरूकता फैला सकते हैं।

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